कैशलेस इलाज और मानदेय वृद्धि से चमकी रसोइयों की जिंदगी, प्रयागराज में गूंजा सम्मान का स्वर

प्रयागराज के सर्किट हाउस में रसोइयों का सम्मान समारोह आयोजित। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 3,000 रुपये मानदेय और 5 लाख रुपये के कैशलेस इलाज कार्ड का तोहफा दिया

Aug 23, 2026 - 19:46
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कैशलेस इलाज और मानदेय वृद्धि से चमकी रसोइयों की जिंदगी, प्रयागराज में गूंजा सम्मान का स्वर

आनंदी मेल ब्यूरो 
प्रयागराज। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य रविवार को सर्किट हाउस के सभागार में प्रधानमंत्री पोषण योजनान्तर्गत कार्यरत रसोइयों सम्मान समारोह कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का उप मुख्यमंत्री ने अन्य जनप्रतिनिधिगणों के साथ दीप प्रज्ज्वलित व मां सरस्वती को नमन कर शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने रसोईयों को अपने कर-कमलों से कैशलेस चिकित्सा कार्ड का प्रतीकात्मक कार्ड भी प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ में आयोजित प्रधानमंत्री पोषण योजनान्तर्गत कार्यरत रसोइयों के सम्मान समारोह कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सर्किट हाउस सभागार में किया गया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने सरकार के द्वारा रसोईयों के 2000 से बढ़ाकर 3000 रूपये प्रतिमाह किए गए मानदेय के लिए रसोइयों को बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह खुशी का अवसर है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आप लोगो की मांगों को पूरा करने का कार्य सरकार के द्वारा किया गया है, आगे भी रसोईयों की और भी जो समस्यायें होगी, उनका समाधान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आप लोग लाखों बच्चों को भोजन बनाकर खिलाती है। आप सभी मां के पवित्र दायित्व का निर्वहन कर रही है।

उन्होंने कहा कि पहले आप लोगो का मानदेय 1000 रूपये था, हमारी सरकार के द्वारा पहले 2000 रूपये अब 3000 रूपये मानदेय किया गया है। इसके साथ ही साथ आप लोगो को 5 लाख रूपये तक की मुफ्त कैशलेस चिकित्सा की व्यवस्था भी सरकार के द्वारा प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित है। सरकार पात्रों को राशन, आवास, नल से जल, किसान सम्मान निधि, विधवा, वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन सहित अन्य योजनाओं से सबको समान0भाव से उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि आप सभी लोग मिड डे मिल को साफ-सफाई के साथ बनाये।

इस महाअभियान के सफल संचालन की सबसे महत्वपूर्ण आधार स्तंभ हमारी रसोइयां बहनें हैं। स्थानीय निवासियों को रसोइयां के रूप में चयन कर प्रतिदिन बच्चों के लिए भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रसोइयां केवल भोजन पकाने वाली कर्मचारी नहीं, बल्कि विद्यालयी पोषण व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का मुख्य आधार हैं।

रसोइयों के रूप में स्थानीय महिलाओं को रोजगार व आय का अवसर देकर सरकार ने महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी है। रसोइयां द्वारा अपनी निगरानी में अपने ही परिवार व गांव के बच्चों को भोजन कराया जा रहा है, जो उनके सामाजिक दायित्वों के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

रसोइयां द्वारा सभी वर्गों के बच्चों को एक साथ, एक पंक्ति में भोजन कराया जाता है। इससे विद्यालय में समानता, सहयोग एवं सामाजिक समरसता की भावना विकसित होती है। यह सामाजिक समानता का जीवंत उदाहरण है और विद्यालयी उपस्थिति एवं पोषण में इसका बड़ा योगदान है। एक रसोइयां अपना पूरा जीवन अपने दायित्वों के निर्वहन में लगा देती हैं, लेकिन जब वही रसोइयां या उनका परिवार बीमारी के संकट से घिरता है तो उनके हाथ कांपने नहीं चाहिए।

इसी संवेदना को समझते हुए आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने ऐतिहासिक पहल की है। राज्य की 3.72 लाख रसोइयों एवं उनके आश्रितों’ को कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा का उपहार दिया गया है। इसके अन्तर्गत आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर ’प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना से अकेले ’प्रयागराज जनपद में 9 हजार से अधिक रसोइयों’ एवं उनके परिवारों को लाभ मिलेगा। हर बच्चे तक सुविधा, हर रसोइयां तक सुरक्षा-यही सुशासन का संकल्प है।’

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