'करन' बनकर जाल में फंसाया, फिर बुर्का पहनाकर कलमा पढ़ने का बनाया दबाव; मुख्य आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ के पारा और पीजीआई इलाके में युवतियों के उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के दबाव का मामला सामने आया है

Jun 09, 2026 - 22:05
Updated: 1 hour ago
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'करन' बनकर जाल में फंसाया, फिर बुर्का पहनाकर कलमा पढ़ने का बनाया दबाव; मुख्य आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दो अलग-अलग इलाकों से युवतियों को प्रताड़ित करने और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। पहला मामला पारा इलाके का है, जहां एक मुस्लिम युवक ने अपनी पहचान छिपाकर हिंदू युवती का यौन शोषण किया। वहीं, दूसरा मामला पीजीआई क्षेत्र का है, जहां नौकरी दिलाने के बहाने एक युवती को अगवा करने का आरोप लगा है। पुलिस ने दोनों ही मामलों में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

पारा थाना क्षेत्र में धोखे और प्रताड़ना का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जुबेर नाम के एक युवक ने अपनी असली धार्मिक पहचान छिपाकर 'करन' नाम से एक हिंदू युवती से दोस्ती की। आरोपी ने युवती को प्रेमजाल में फंसाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

काफी समय बीतने के बाद जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तब जाकर उसे पता चला कि जिसे वह करन समझ रही थी, उसका असली नाम जुबेर है। सच्चाई सामने आने के बाद जब युवती ने विरोध किया, तो आरोपी और उसके परिवार ने शादी के लिए जबरन इस्लाम कबूल करने की शर्त रख दी।

पीड़ित युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के मुताबिक:

  • जुबेर की मां ने उसे जबरन बुर्का पहनाया और कलमा पढ़ने के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
  • आरोपी की मां ने उसे लालच दिया कि यदि वह इस्लाम अपना लेती है, तो उसे मदरसे की तरफ से 12 लाख रुपये मिलेंगे।
  • विरोध करने पर आरोपी के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की।
  • आरोपी जुबेर ने धोखे से युवती के ढाई लाख रुपये कैश और 5 लाख रुपये के सोने के जेवर भी हड़प लिए।

पुलिस की कार्रवाई: इस मामले में पुलिस ने जुबेर अंसारी, उसके पिता जुनैद, मां महरून निशा और बहनों मुस्कान व खुशनुमा के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पारा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जुबेर को गिरफ्तार कर लिया है।

दूसरी घटना पीजीआई थाना क्षेत्र की है, जहां परिजनों ने अपनी बेटी को जबरन अगवा करने का आरोप लगाया है। पीड़ित पिता का आरोप है कि इलाके का ही रहने वाला इरशाद उनकी बेटी को रास्ते में आते-जाते परेशान करता था। 21 मई को वह उनकी बेटी को नौकरी लगवाने के बहाने तेलीबाग बाजार ले गया और वहीं से उसे गायब कर दिया। परिजनों का कहना है कि पूर्व में की गई शिकायतों पर उचित कार्रवाई न होने के कारण आरोपी के हौसले बुलंद थे।

डीसीपी दक्षिणी अमित कुमार आनंद ने बताया कि पीजीआई वाले मामले में फिलहाल पिता ने जबरन भगा ले जाने का आरोप लगाया है, धर्मांतरण का विषय सीधे तौर पर सामने नहीं आया है। पुलिस की टीमें युवती को बरामद करने की कोशिश कर रही हैं, जिसके बाद मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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