iffco cordate में 10 राज्यों के किसानों का 4-दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण संपन्न: नैनो उर्वरक और वैल्यू एडिशन के सीखे गुर
इफको कोरडेट फूलपुर में 10 राज्यों के 51 किसानों का 4-दिवसीय फल संरक्षण व खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण संपन्न हुआ। किसानों को नैनो उर्वरक व मूल्य संवर्धन का ज्ञान मिला।
(जैनुल आब्दीन)
प्रयागराज : फूलपुर स्थित मोतीलाल नेहरू फार्मर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (कोरडेट), इफको में आयोजित 4-दिवसीय फल संरक्षण एवं खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में देश के 10 हिंदी भाषी राज्यों—उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र से आए 51 प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने दिए कमाई और मूल्य संवर्धन के मंत्र
कोरडेट के प्रधानाचार्य डॉ. विवेक दीक्षित ने बताया कि चार दिनों के दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा किसानों को फल और कृषि उपज के प्रसंस्करण (Processing) व विपणन (Marketing) की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया गया।
आंवला उत्पाद व मौन पालन: मौन पालन प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने शहद उत्पादन के साथ-साथ आंवले से मुरब्बा, जूस, लड्डू, बर्फी और अचार तैयार करने की बारीकियां सिखाईं।
मशरूम उत्पादन: सीएमपी डिग्री कॉलेज की सहायक प्रोफेसर डॉ. हेमलता पंत ने मशरूम उत्पादन और इससे बनने वाले विभिन्न प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्माण की विधि बताई।
सुपरफूड और ब्लैक क्रॉप्स: ब्लैक क्रॉप्स एफपीओ के संस्थापक रवि प्रकाश मौर्य ने काले गेहूं, काले आलू और काली अदरक जैसी पोषक फसलों से दलिया व बिस्किट बनाकर बेहतर मुनाफा कमाने का तरीका साझा किया।
उत्पाद चयन एवं विपणन: कोरडेट की वरिष्ठ अधिकारी सविता शुक्ला ने बाज़ार की मांग के अनुसार सही उत्पाद के चयन और उसकी ब्रांडिंग व मार्केटिंग के गुर सिखाए।
मृदा स्वास्थ्य और नैनो उर्वरकों के प्रयोग पर बल
जैव उर्वरक इकाई की प्रभारी डॉ. अनुराधा राय ने गुणवत्तापूर्ण और रसायन-मुक्त उत्पादन के लिए बायो-फर्टिलाइजर्स के उपयोग की तकनीक बताई। समापन अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. विवेक दीक्षित ने किसानों से मिट्टी की जांच (Soil Test) के आधार पर ही संतुलित उर्वरकों का इस्तेमाल करने का आग्रह किया। उन्होंने नैनो उर्वरकों और जैविक उर्वरकों को अपनाकर खेती की लागत घटाने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागी किसानों को कोरडेट की विभिन्न प्रयोगात्मक इकाइयों और इफको के नैनो प्लांट का भ्रमण भी कराया गया, जिससे वे नैनो टेक्नोलॉजी के व्यावहारिक उपयोग को बेहतर ढंग से समझ सके।
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