प्रयागराज में बाढ़ और जलभराव पर डिप्टी सीएम सख्त: 100 साल का बने एक्शन प्लान, किसानों को मिले तुरंत मुआवजा
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में बाढ़ और जलभराव की समीक्षा की। उन्होंने पीड़ितों को तुरंत मुआवजा देने और 100 साल का स्थायी समाधान बनाने के निर्देश दिए।
(जैनुल आब्दीन)
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को सर्किट हाउस सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ जिले में बाढ़ तथा अत्यधिक बारिश के कारण हुए जलजमाव की स्थिति की गहन समीक्षा की। डिप्टी सीएम ने बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा तुरंत देने और शहर को अगले 100 वर्षों तक जलजमाव से मुक्त रखने के लिए फूलप्रूफ स्थायी कार्ययोजना तैयार करने के कड़े निर्देश जारी किए।
बाढ़ प्रभावितों को तुरंत राहत और बीमारियों से बचाव के निर्देश
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि तहसील कोरांव और बारा के कुछ गांवों में बाढ़ का पानी प्रविष्ट हुआ था। प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचाकर सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इस पर उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ का पानी उतरते ही प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाए। उन्होंने संक्रमण की रोकथाम के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने और मेडिकल टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने के आदेश दिए। इसके साथ ही, बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का पारदर्शी सर्वे कराकर पीड़ित किसानों के खातों में त्वरित मुआवजा राशि भेजने की कार्यवाही शुरू करने को कहा।
जलभराव का स्थायी समाधान: 100 साल का विजन और जनप्रतिनिधियों के सुझाव
शहर के कई इलाकों में हुए भारी जलजमाव पर नगर आयुक्त ने अब तक की गई निकासी व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं का ब्यौरा दिया। विधान परिषद सदस्य डॉ. केपी श्रीवास्तव और शहर उत्तरी विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी ने मेडिकल चौराहा, रामबाग, जॉर्जटाउन, टैगोर टाउन और अल्लापुर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को प्रमुखता से उठाया।
उप मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त को इन क्षेत्रों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की जलनिकासी योजनाएं अगले 100 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जाएं।
मुख्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं:
40 MLD पंपिंग स्टेशन: सीएमपी से मोरी गेट तक एक अलग लाइन के साथ 40 एमएलडी क्षमता का नया पंपिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा (शासन स्तर से स्वीकृति प्राप्त)।
नाला चौड़ीकरण: 80 फीट रोड और डांडिया नाले के चौड़ीकरण का कार्य जल्द शुरू होगा।
बायपास नाला निर्माण: अल्लापुर और आसपास के क्षेत्रों को राहत देने के लिए कुंदन गेस्ट हाउस से कब्रिस्तान के पीछे होते हुए अल्लापुर पंपिंग स्टेशन तक नया बायपास नाला बनेगा।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई पर सख्त नाराजगी और नई व्यवस्था
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई द्वारा कराए गए कार्यों की शिकायतों पर उप मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कमियों को तुरंत दुरुस्त करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
प्रशासन के लिए 4 प्रमुख दिशा-निर्देश:
व्हाट्सएप ग्रुप का संचालन: स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पार्षदों और विभागीय अधिकारियों का एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप बने, जिससे जलभराव की शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके।
24 घंटे की डेडलाइन: शहर में कहीं भी जलभराव होने पर 24 घंटे के भीतर पानी की निकासी अनिवार्य रूप से की जाए।
सीवर लाइनों की डिजिटल मैपिंग: भविष्य के अधिकारियों के संदर्भ और सुचारू रखरखाव के लिए शहर की सभी सीवर लाइनों की मैपिंग अनिवार्य रूप से पूरी की जाए।
कछारी क्षेत्रों में निगरानी: गंगा नदी के तटीय (कछारी) इलाकों में किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे व निर्माण पर रोक लगाने के लिए सतत निगरानी रखी जाए।
समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, सांसद प्रवीण पटेल, विधायक डॉ. वाचस्पति, विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह सहित जिले के समस्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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