व्यास और पार्वती नदी में बांध का पानी छोड़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ा
हिमाचल प्रदेश में बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण व्यास और पार्वती नदी घाटी में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ा।
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश के बीच ऊपरी बांध जलाशयों से नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़े जाने और गाद (सिल्ट) निकासी अभियानों के कारण कुल्लू और मंडी जिलों में व्यास और पार्वती नदी घाटियों के आसपास अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और बिजली परियोजना ऑपरेटरों ने नदी तटबंधों के निकट रहने वाले लोगों के लिए तत्काल चेतावनी जारी की है।
राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (NHPC) ने पार्वती-II जलविद्युत परियोजना के पुलगा बांध से पानी छोड़ना शुरू किया है। अधिकारियों ने बताया कि बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने और अनिवार्य मौसमी गाद सफाई के लिए बांध के रेडियल गेट खोले गए हैं। इससे पार्वती नदी में जल प्रवाह तेजी से बढ़कर लगभग २२५ क्यूमेक्स तक पहुंच गया है। जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश तेज होने पर और पानी छोड़े जाने की संभावना है।
पार्वती नदी आगे जाकर भुंतर के पास व्यास नदी में मिलती है, जिससे दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने कसोल, भुंतर और आसपास की घाटियों में रहने वाले निवासियों, दुकानदारों और पर्यटकों को नदियों, नालों और निचले इलाकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी है।
स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक उद्घोषणा वाहनों को तैनात किया है और अतिरिक्त गेट खोलने से पहले चेतावनी साइरन बजाए जा रहे हैं। कुल्लू और कसोल के होटल व होमस्टे संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पर्यटकों को बहती नदियों के पास जाने से रोकें।
राज्य आपदा प्रबंधन और पुलिस बल हाई अलर्ट पर हैं। अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि बिना किसी स्थानीय बादल फटने की घटना के भी नदियों में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए नागरिक सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
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