बीर-बिलिंग पैराग्लाइडिंग कॉरिडोर में बिजली ट्रांसमिशन लाइन के प्रस्ताव से बढ़ा विवाद
बीर-बिलिंग में प्रस्तावित बिजली ट्रांसमिशन लाइन से पैराग्लाइडर्स की सुरक्षा और पर्यटन व्यवसाय पर गहरा संकट मंडरा रहा है।
बैजनाथ: विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीर-बिलिंग में एक नई हाई-वोल्टेज बिजली ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के प्रस्ताव ने स्थानीय लोगों, पायलटों और पर्यटन कारोबारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस 132 केवी (KV) की ट्रांसमिशन लाइन को टेक-ऑफ और लैंडिंग साइट्स के बेहद करीब से गुजारने की योजना है, जिसे पैराग्लाइडिंग खेल और पायलटों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है।
स्थानीय साहसिक खेल संघों और पायलटों का कहना है कि यदि यह ट्रांसमिशन लाइन अपने वर्तमान रूट पर बनती है, तो हवा के रुख और तकनीकी कारणों से ग्लाइडर्स के इन तारों में उलझने का गंभीर जोखिम रहेगा। बीर-बिलिंग दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पैराग्लाइडिंग स्थलों में से एक है, जहां हर साल हजारों अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पायलट आते हैं। इस कॉरिडोर में ऐसी किसी भी बाधा से देश-विदेश में इस पर्यटन स्थल की छवि को धक्का लगेगा।
इसके विरोध में स्थानीय हितधारकों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इस ट्रांसमिशन लाइन के रूट को बदलने या इसे भूमिगत (Underground) करने की मांग की है। उनका तर्क है कि पर्यटन ही इस पूरे क्षेत्र की आर्थिकी की रीढ़ है, और सुरक्षा से समझौता होने पर यहां का पर्यटन व्यवसाय पूरी तरह ठप हो सकता है। फिलहाल, इस मामले को लेकर प्रशासन और बिजली बोर्ड के अधिकारियों के बीच समीक्षा बैठकें शुरू हो गई हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)