हजरत शाह मुहिब्बुल्लाह इलाहाबादी का 379वां उर्स आज से
प्रयागराज में हजरत शाह मुहिब्बुल्लाह इलाहाबादी का 379वां दो दिवसीय उर्स 29 दिसंबर से अकीदत के साथ शुरू होगा।
प्रयागराज : आध्यात्मिक चेतना और आपसी भाईचारे के प्रतीक, महान सूफी संत हजरत शाह मुहिब्बुल्लाह इलाहाबादी 'दादा मियां' का 379वां सालाना दो दिवसीय उर्स आज, 29 दिसंबर से पूरी अकीदत और एहतराम के साथ शुरू हो रहा है। कीडगंज स्थित 'पीरजादों की बाग' नई बस्ती में आयोजित होने वाला यह उर्स प्रयागराज की साझी संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल है।
धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम की रूपरेखा नायेब सज्जादानशीन मुफ्ती हाफिज शाह मोहम्मद मुकर्रब उल्लाह (अली मियां) की सरपरस्ती में आयोजित होने वाले इस उर्स के पहले दिन, सोमवार को फजिर की नमाज के बाद 'गुस्ल शरीफ' की रस्म अदा की गई। आज मगरिब की नमाज के बाद कीडगंज स्थित दरगाह शरीफ में 'पहला कुल' संपन्न होगा, जिसमें बड़ी संख्या में जायरीन शिरकत करेंगे।
कव्वाली और रूहानी महफिल उर्स के दूसरे दिन, 30 दिसंबर (मंगलवार) को कार्यक्रमों का सिलसिला दोपहर से शुरू होगा। बहादुरगंज स्थित खानकाह (दादा मियां के पुराने घर) पर दोपहर 2 बजे कव्वाली की महफिल सजेगी। शाम 5 बजे 'आखरी कुल' की रस्म होगी और रात 9 बजे से कव्वाली का दौर चलेगा, जो देर रात तक जारी रहेगा।
तैयारियों में जुटा समाज इंतजामिया कमेटी के सदस्यों में मोहम्मद मियां फारुकी, महमूद मियां फारुकी, एडवोकेट उसैद और मुजतबा फारुकी के साथ-साथ अमित निषाद, भोला यादव और शिव बाबू निषाद जैसे लोग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों की भागीदारी इस आयोजन को बेहद खास बनाती है। स्थानीय प्रशासन ने भी उर्स के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सफाई के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जायरीनों के लिए लंगर और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था खानकाह की ओर से की गई है।
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