ट्राईजेमिनल न्यूरालजिया का अत्याधुनिक इलाज, मरीज को मिला असहनीय दर्द से छुटकारा
प्रयागराज में पहली बार ट्राईजेमिनल न्यूरालजिया का रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन द्वारा सफल इलाज, दर्द से राहत

प्रयागराज। स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल, प्रयागराज में चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। मोटिलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध इस संस्थान के न्यूरो सर्जरी विभाग और पेन क्लिनिक की संयुक्त पहल से ट्राईजेमिनल न्यूरालजिया जैसी गंभीर समस्या से पीड़ित एक 23 वर्षीय महिला मरीज को सफल इलाज प्रदान किया गया।
यह महिला पिछले 24 महीनों से चेहरे के आधे हिस्से में असहनीय दर्द और बिजली के झटकों जैसे अनुभव से परेशान थी। दर्द इतना तीव्र था कि इसे “सुसाइड डिजीज” भी कहा जाता है, क्योंकि यह पीड़ा मरीज को मानसिक रूप से तोड़ देती है। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे ट्राईजेमिनल न्यूरालजिया की पुष्टि हुई, जो मस्तिष्क की नसों में स्थित गांठ के कारण होती है।
इलाज के लिए मरीज को पेन क्लिनिक रेफर किया गया, जहां डॉ. अभिजीत मोहिते (इंटरवेंशनल पेन फिजीशियन) ने मरीज की गहन जांच के बाद रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA) तकनीक से उपचार की सलाह दी। इस प्रक्रिया में फोरामेन ओवेल नामक विशेष स्थान से एक उपकरण मस्तिष्क के भीतर डाला जाता है, जो दर्द उत्पन्न करने वाली नस को अस्थायी रूप से संज्ञाशून्य कर देता है।
इस अत्याधुनिक चिकित्सा प्रक्रिया के बाद मरीज को तुरंत राहत मिली और वह वर्षों से चले आ रहे दर्द से मुक्त हो सकी। आमतौर पर यह इलाज देश के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में ही उपलब्ध होता है, लेकिन प्रयागराज के सरकारी चिकित्सा संस्थान में इसका सफल प्रयोग पहली बार हुआ है।
इस सफलता को चिकित्सा जगत में दर्द निवारण की दिशा में एक नई क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानते हुए टीम को बधाई दी है। यह पहल न केवल क्षेत्रीय मरीजों के लिए राहत की बात है, बल्कि इससे पूर्वांचल के लोगों को अब महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
यह नवाचार स्वास्थ्य सेवाओं में प्रयागराज को एक नई पहचान देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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