हीरालाल यादव ग्रुप ऑफ कालेजेज में 'मदर्स डे' पर बिखरे उल्लास के रंग

हीरालाल यादव ग्रुप ऑफ कालेजेज में मदर्स डे की धूम; "सुपर मॉम" और "नो फ्लेम कुकिंग" जैसी प्रतियोगिताओं ने बनाया दिन यादगार

May 09, 2026 - 20:23
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हीरालाल यादव ग्रुप ऑफ कालेजेज में 'मदर्स डे' पर बिखरे उल्लास के रंग
हीरालाल यादव ग्रुप ऑफ कालेजेज में 'मदर्स डे' पर बिखरे उल्लास के रंग

लखनऊ : मातृत्व की शक्ति, स्नेह और उनके अतुलनीय समर्पण को समर्पित 'मदर्स डे' का पर्व आज हीरालाल यादव ग्रुप ऑफ कालेजेज की सभी शाखाओं में बेहद भव्य और भावनात्मक रूप से मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष समारोह में जहाँ एक ओर सांस्कृतिक छटा बिखरी, वहीं दूसरी ओर माताओं और बच्चों के बीच के अटूट बंधन को खेलों और संवाद के माध्यम से सराहा गया।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ की महिमा को समर्पित संदेशों के साथ हुई, जिसके बाद कैंपस में विभिन्न मनोरंजक और रचनात्मक प्रतियोगिताओं का दौर शुरू हुआ। "नो फ्लेम कुकिंग" (बिना आग के पाक कला) में माताओं ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया, तो वहीं "गेस द ऑब्जेक्ट", "लेमन रेस", "पिक अप द ग्लास" और "टंग ट्विस्टर" जैसे खेलों ने माहौल को ठहाकों और उमंग से भर दिया। इन 'ऑन द स्पॉट' गेम्स ने अभिभावकों को उनके बचपन की याद दिला दी।

सम्मानित हुईं 'सुपर मॉम्स'
समारोह का मुख्य आकर्षण विभिन्न श्रेणियों में माताओं को दिए गए सम्मान रहे। निर्णायकों ने माताओं के उत्साह और प्रतिभा के आधार पर निम्नलिखित विशेष खिताबों से उन्हें नवाजा:

सुपर मॉम

  • बेस्ट मदर ऑफ द ईयर
  • बेस्ट ड्रेसअप
  • मोस्ट एलिगेंट

विजेता माताओं को कॉलेज प्रशासन द्वारा स्मृति चिन्ह और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनके चेहरे खुशी से खिल उठे।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर ग्रुप के अध्यक्ष श्री राम सिंह यादव, प्रबंध निदेशिका इंजीनियर तनुष्का यादव और श्रीमती श्रेया यादव विशेष रूप से उपस्थित रहीं। साथ ही डॉ. चित्रा त्रिपाठी, सुश्री प्रतिभा पाण्डेय, श्रीमती पूनम श्रीवास्तव, सुश्री यामिनी तिवारी एवं श्रीमती नीतू रस्तोगी ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

प्रशासन का संदेश: माँ का स्थान सर्वोच्च
संस्थान के प्रबंधकों ने अपने संबोधन में कहा कि माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जीवन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल मनोरंजन है, बल्कि समाज में मातृशक्ति के महत्व को पुनर्स्थापित करना और बच्चों में पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है।

उपस्थित अभिभावकों ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे एक अत्यंत यादगार अनुभव बताया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक राष्ट्रगान और स्नेह मिलन के साथ हुआ।

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