कानपुर डीएम ने टीबी उन्मूलन की ली जिम्मेदारी, 11 मरीजों को लिया गोद और दी पोषण पोटली
डीएम कानपुर ने टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए 11 मरीजों को गोद लेकर दी पोषण पोटली। Keyword: टीबी मरीज गोद कानपुर डीएम

कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूती देते हुए जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को 11 क्षय रोगियों (टीबी मरीजों) को व्यक्तिगत रूप से गोद लिया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने मरीजों को पोषण पोटली प्रदान की और उनसे निरंतर दवा लेने का आग्रह किया।
डीएम ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक देश को टीबी मुक्त किया जाए। यह कार्य केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय सहभागिता और व्यापक जागरूकता से ही हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, इसका समय पर इलाज पूरी तरह संभव है। नियमित दवा सेवन और पौष्टिक आहार से मरीज जल्द ही स्वस्थ जीवन की ओर लौट सकते हैं।”
पोषण पोटली में क्या शामिल है? जिन 11 मरीजों को गोद लिया गया है, उन्हें डीएम ने जो पोषण पोटली प्रदान की, उसमें चना, दाल, गुड़, तेल, चिउड़ा और ड्रायफ्रूट्स जैसे पोषक तत्व शामिल हैं। ये सामग्री रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है। डीएम ने कहा कि वे आगामी छह माह तक निजी खर्चे से इन मरीजों को पोषण पोटली देते रहेंगे।
डीएम सिंह ने निजी चिकित्सा संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और उद्योग जगत से आह्वान किया कि वे इस अभियान में भागीदार बनें और अधिक से अधिक टीबी मरीजों को गोद लें। उन्होंने कहा कि, “यह केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे समाज के स्वास्थ्य की बात है।”
मरीजों को टीबी से संबंधित जानकारी प्राप्त करने हेतु निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6666 के बारे में भी जानकारी दी गई। सभी लाभार्थियों ने डीएम का आभार व्यक्त करते हुए दवा का कोर्स पूरा करने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध, एनटीईपी टीम, संबंधित अधिकारी और लाभार्थी मौजूद रहे। यह कार्यक्रम जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में एक प्रेरक कदम माना जा रहा है।
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