ओवैसी ने कहा: 2027 में भाजपा के खिलाफ सपा-बसपा से गठबंधन को एआईएमआईएम तैयार
असदुद्दीन ओवैसी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए सपा और बसपा के साथ गठबंधन की इच्छा जताई।
लखनऊ: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। एक विशेष साक्षात्कार में ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बाहर करने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ राजनीतिक गठबंधन करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ओवैसी ने कहा कि यदि धर्मनिरपेक्ष दल वास्तव में भाजपा को हराना चाहते हैं, तो उन्हें मतों के विभाजन को रोकने के लिए एआईएमआईएम जैसे गैर-भाजपा और गैर-एनडीए दलों को साथ लेकर एक मजबूत राजनीतिक विकल्प बनाना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2022 के चुनावों में केवल विपक्षी दलों के अलग-अलग लड़ने की वजह से भाजपा विरोधी वोटों का बंटवारा हुआ, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन को सीधा फायदा पहुंचा।
धर्मनिरपेक्ष वोटों का एकजुट होना: ओवैसी ने तर्क दिया कि सपा और बसपा को अपने पुराने पूर्वाग्रह छोड़कर एक धर्मनिरपेक्ष मोर्चे के निर्माण के लिए एआईएमआईएम से संवाद शुरू करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में जनाधार विस्तार: पार्टी राज्य के पूर्वांचल, पश्चिमी यूपी और रुहेलखंड क्षेत्रों में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय निकाय चुनाव परिणामों से मिले अनुभव के आधार पर जमीन तैयार कर रही है।
विपक्ष पर साधा निशाना: उन्होंने आरोप लगाया कि पारंपरिक विपक्षी दल केवल चुनाव के दौरान मुस्लिम और वंचित समाज के वोटों पर दावा करते हैं, लेकिन उन्हें उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने से कतराते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ओवैसी की इस पहल पर सपा या बसपा सकारात्मक प्रतिक्रिया देती हैं, तो यह 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में एक नए और निर्णायक राजनीतिक समीकरण का सूत्रपात कर सकती है।
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