Bharti Airtel: अफ्रीका हिस्सेदारी विलय को शेयरधारकों का ऐतिहासिक समर्थन, कॉर्पोरेट गवर्नेंस में मिसाल
भारती एयरटेल को अफ्रीका स्टेक विलय के लिए मिला शेयरधारकों का शत-प्रतिशत समर्थन, प्रभावी हिस्सेदारी बढ़कर होगी 79 फीसदी
लखनऊ (आर.एल.पाण्डेय)। भारत की अग्रणी दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी भारती एयरटेल लिमिटेड ने अपनी प्रमुख रणनीतिक सहायक कंपनी 'एयरटेल अफ्रीका पीएलसी' में हिस्सेदारी के एकीकरण (विलय) के लिए चल रहे समझौते पर शेयरधारकों का अभूतपूर्व समर्थन हासिल किया है। कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लगभग 100% शेयरधारकों ने इस रणनीतिक प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। यह फैसला कॉर्पोरेट सुशासन के सर्वोच्च मानकों को रेखांकित करने के साथ-साथ कंपनी की दूरगामी रणनीतियों में निवेशकों के सुदृढ़ विश्वास को भी पुष्ट करता है।
इस विशेष वित्तीय समझौते के तहत, भारती एयरटेल प्रमोटर समूह की संस्था 'इंडियन कांटिनेंट इन्वेस्टमेंट लिमिटेड' को अधिमान्य (प्रिफरेंशियल) आधार पर अपने इक्विटी शेयर जारी कर रही है। इसके बदले में कंपनी को एयरटेल अफ्रीका में सीधे तौर पर 16.31% की अतिरिक्त हिस्सेदारी प्राप्त होगी।
यह पूरा लेन-देन पूरी तरह से एक नकदी-रहित शेयर अदला-बदली (Share Swap) मॉडल पर आधारित है। इस मॉडल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारती एयरटेल को बिना किसी अतिरिक्त ऋणभार (कर्ज) अथवा नकदी के भारी बहिर्वाह (Cash Outflow) के एक तेजी से बढ़ती परिसंपत्ति में अपनी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने का शानदार मौका मिल रहा है। इसके साथ ही, यह सौदा समूह की जटिल शेयरधारिता संरचना को बेहद सरल और पारदर्शी बनाएगा, जो पूंजी दक्षता के लिहाज से एक नया प्रतिमान स्थापित करने वाला है। सभी आवश्यक नियामक और कानूनी मंजूरियां मिलने के बाद, एयरटेल अफ्रीका में भारती एयरटेल की प्रभावी हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 79% हो जाएगी।
सुनील भारती मित्तल (संस्थापक और चेयरमैन, भारती एंटरप्राइजेज) का बयान: "एयरटेल अफ्रीका हमारी विकास रणनीति के मुख्य केंद्र में है और यह हमारे एकीकृत राजस्व में लगातार मजबूत प्रदर्शन दर्ज करा रही है। शेयरधारकों का यह जोरदार समर्थन हमारे संगठन के प्रति निवेशकों के अटूट भरोसे को दर्शाता है। शेयर स्वैप के रूप में संरचित यह सौदा भारत का अब तक का सबसे बड़ा लेन-देन है, जो एयरटेल की मुख्य संचालन और भविष्य की विकास महत्वाकांक्षाओं के लिए पूंजी की शक्ति को सुरक्षित रखता है। हमें अफ्रीका के बाजार में दीर्घकालिक शेयरधारक मूल्य निर्माण की असीम संभावनाएं दिखती हैं।"
कंपनी के इस कदम को उस संतुलित और क्रमिक दृष्टिकोण की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत वह अपने सुस्थापित रणनीतिक विकास मंच (एयरटेल अफ्रीका) में अपनी स्वामित्व हिस्सेदारी को लगातार मजबूत कर रही है। इस फैसले से न केवल कंपनी की बाजार स्थिति मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर इसकी साख में भी इजाफा होगा।
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