नए सत्र के साथ ही आयोजित होंगे विद्यार्थी केंद्रित कार्यक्रम , नवाचार के माध्यम से होगा हिंदी का प्रचार -प्रसार

(जैनुल आब्दीन) प्रयागराज। कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय अकादमिक और प्रशासनिक रूप से आगे बढ़ रहा है। कार्मिकों की नियुक्तियां की जा चुकी हैं और भविष्य में भी कई पदों पर नियुक्तियां प्रस्तावित हैं। “हिंदी राजभाषा में कार्यालयीन कार्य को कैसे निष्पादित करें” इस विषय पर  नए कार्मिकों को प्रशिक्षण देना अनिवार्य है।

जून 11, 2024 - 19:00
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नए सत्र के साथ ही आयोजित होंगे विद्यार्थी केंद्रित कार्यक्रम , नवाचार के माध्यम से होगा हिंदी का प्रचार -प्रसार
नवाचार के माध्यम से होगा हिंदी का प्रचार -प्रसार

नए सत्र से एक दिवसीय और पांच दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से राजभाषा हिंदी के प्रचार प्रसार को गति दी जाएगी। ये बातें इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर नरेंद्र कुमार शुक्ल ने बतौर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष के रूप में  वित्त वर्ष 24-25 की प्रथम तिमाही की बैठक  में कहीं। उन्होंने आज की बैठक की अध्यक्षता की। इससे पूर्व राजभाषा कार्यान्वयन समिति के समन्वयक प्रोफेसर संतोष भदौरिया ने अध्यक्ष और सदस्यों के स्वागत के साथ ही अवगत कराया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय का राजभाषा अनुभाग अपने ऐसे समस्त शिक्षकों, अधिकारियों और कार्मिकों का डाटा तैयार कर रहा है जो हिंदीतर क्षेत्र से आते हैं तथा जिनकी मातृभाषा हिंदी नहीं है।

ऐसे सभी कार्मिकों को केंद्र सरकार के निर्देशानुसार ‘पारंगत’ प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।उन्होंने कहा कि आज हिंदी भाषा में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं किंतु इसमें मार्गदर्शन की आवश्यकता है।विद्यार्थियों के लिए भी हिंदी भाषा में रोजगार की संभावनाओं पर केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम के आरंभ के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों  को केंद्र में रख कर नए सत्र से विभिन्न कार्यक्रम राजभाषा अनुभाग आयोजित करेगा। नए सत्र में 31 जुलाई 2024 को प्रेमचंद जयंती के अवसर पर संघटक महाविद्यालयों के सहयोग से नाट्य  मंचन और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जायेंगी।

वित्त वर्ष 24-24 की  प्रथम तिमाही की बैठक की कार्यसूची हिंदी अधिकारी प्रवीण श्रीवास्तव ने प्रस्तुत की,जिसमे मुख्यतः नाराकास प्रयागराज कार्यालय 2 का इलाहाबाद विश्वविद्यालय को नोडल कार्यालय बनाया जाना,पांच दिवसीय कार्यशालाओं का आयोजन, प्रस्तावित विनयम अनुरूप सदस्यों को समिति में शामिल करना, बरगद कला मंच को नए सत्र में विस्तारित करना शामिल है।पिछली बैठक के कार्यवृत की पुष्टि के उपरान्त  बिंदुवार विभिन्न मुद्दों पर उपस्थित समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अपना-अपना परामर्श  दिया।

कार्यक्रम का संचालन राजभाषा अनुभाग के हिंदी अनुवादक  हरिओम कुमार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्य डा. दीनानाथ मौर्य ने किया। इस बैठक में समिति सदस्य प्रो. सरोज सिंह,डा.शेफाली नंदन,डा. रतन कुमारी वर्मा,डा.नीलिमा सिंह,डा.शक्ति शर्मा,डा.गायत्री सिंह,डा.मुदिता तिवारी,पुनीत मालवीय,रतन कुमार शर्मा, विनय सिंह आदि सदस्य उपस्थित रहे।

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